नई दिल्ली. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान में चुन-चुनकर एक्शन लिया. 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के बाद प्यार से समझाने पर भी जब आसिम मुनीर की आर्मी अपनी हरकतों से बाज नहीं आई तो वायुसेना ने पाकिस्तान के 12 में से 11 एयरबेस पर ब्रह्मोस मिसाइल से हमले किए. भारत ने हर हमलों की एक दम सटीक जानकारी सेटेलाइट इमेज के जरिए दुनिया को दी थी. अब पाकिस्तान की आर्मी इन साइट को दुनिया की नजरों से बचाने में लगी है. ताजा सेटेलाइट तस्वीरों से सामने आया है कि पाकिस्तान के भोलारी एयरबेस को तिरपाल से ठक दिया गया है ताकि कोई मरम्मत के काम को नहीं देख सके.
इन हैंगरों को अस्थायी रूप से नीले और सफेद रंग के तिरपाल से ढक दिया गया है, ताकि जमीनी और सैटेलाइट निगरानी से क्षति को छिपाया जा सके. लेकिन सैटेलाइट से ली गई इन तस्वीरों ने पाकिस्तान की इस कवायद को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है. रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि भारत की यह सर्जिकल एयरस्ट्राइक इतनी सटीक और घातक थी कि रणनीतिक रूप से अहम इस एयरबेस पर पाकिस्तानी वायुसेना की तैयारियों को महीनों पीछे धकेल दिया गया.
चुन-चुनकर पाकिस्तानी एयरफोर्स के ठिकानों पर हुए हमले
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय वायुसेना की एक गुप्त और हाई-प्रिसीजन मिशन था, जिसमें दुश्मन के रणनीतिक ठिकानों को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया. इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने स्टैंड-ऑफ हथियारों का उपयोग करते हुए भोलारी एयरबेस पर स्थित कई हैंगर और संरचनाओं को नेस्तनाबूद कर दिया. यह कार्रवाई पाकिस्तान को यह संदेश देने के लिए काफी थी कि भारत अब सीमा पार से होने वाली किसी भी आक्रामकता का जवाब घर में घुसकर देने में सक्षम है.
भारतीय सेना ने धुआं-धुआं किया था एयरबेस
अब जब पाकिस्तान ने उन क्षतिग्रस्त ढांचों को ढकने के लिए तात्कालिक उपाय किए हैं. तिरपाल और टेम्परेरी रिपेयरिंग, यह दर्शाता है कि वे इस हमले से कितने बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. यह एक तरह से भारत की कूटनीतिक और सैन्य बढ़त का प्रतीक है, जिसे पाकिस्तान छिपाने की असफल कोशिश कर रहा है. पाकिस्तानी वायुसेना अब उस नुकसान को ढकने में लगी हैं जो भारत की कार्रवाई ने सार्वजनिक कर दिया है. यह स्थिति बताती है कि भारत की सैन्य क्षमता अब सिर्फ जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि वह हमला करने और प्रभावी परिणाम देने की स्थिति में है.